इंदौर · अनुभव केंद्र

संघ अनुभवशाला

इंदौर का एक अनुभव केंद्र, जहाँ आगंतुक भारत की कहानी को देखते, समझते और महसूस करते हैं — उसका स्वर्णिम अतीत, संगठित समाज का विचार, और आज हम सबके कर्तव्य। हर यात्रा एक प्रश्न पर पूरी होती है: मैं भारत के लिए क्या करूँगा?

व्यक्ति निर्माण से
राष्ट्र निर्माण

— डॉ. के. बी. हेडगेवार

मेरा देशमेरा कर्तव्यमेरा संकल्प
अनुभवशाला के भीतर

आप क्या अनुभव करेंगे

01
फ़िल्म

प्राचीन भारत का स्वर्णिम युग

प्राचीन भारत के स्वर्णिम युग पर आधारित फ़िल्म — हमारी सभ्यता का ज्ञान, संस्कृति और आत्मविश्वास।

02
फ़िल्म

संघ की स्थापना क्यों हुई

वे परिस्थितियाँ और वह विचार, जिनसे 1925 में संघ की स्थापना हुई।

03
फ़िल्म

औपनिवेशिक मानसिकता (गुलामी की सोच)

औपनिवेशिक शासन की छोड़ी हुई सोच — और उससे मुक्त होना क्यों ज़रूरी है।

04
टच स्क्रीन

संघ शाखा

शाखा में क्या होता है — चित्र, फ़िल्म और प्रार्थना “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे”।

05
टच स्क्रीन

प्रार्थना

प्रार्थना — श्लोक दर श्लोक, हिंदी और अंग्रेज़ी में अर्थ सहित।

06
टच स्क्रीन

प्रश्न आपके — उत्तर संघ के

आम जिज्ञासाओं के उत्तर, और शिक्षा, सेवा, श्रम, कृषि, विज्ञान, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले 27 संघ प्रेरित संगठनों का परिचय।

07
इंटरैक्टिव · साथ ले जाएँ

भारत के लिए मेरा संकल्प

दस विषयों पर कुछ प्रश्न स्वयं से पूछिए, फिर अपने पाँच संकल्प चुनिए और अपना छपा हुआ संकल्प पत्र साथ ले जाइए। यह परीक्षा नहीं, आत्ममंथन है।

01पर्यावरण — वृक्षारोपण
02पर्यावरण — प्लास्टिक मुक्त जीवन
03नागरिक कर्तव्य — यातायात अनुशासन
04नागरिक कर्तव्य — स्वच्छता एवं सहयोग
05स्वदेशी — स्थानीय उत्पाद
06‘स्व’ — भाषा एवं संस्कृति
07कुटुंब प्रबोधन — परिवार के साथ समय
08कुटुंब प्रबोधन — वरिष्ठजनों का सम्मान
09सामाजिक समरसता — समानता और भाईचारा
10सामाजिक समरसता — सेवा और सहयोग
देखें

उद्घाटन की झलकियाँ

उद्घाटन के दिन संघ अनुभवशाला की एक झलक — इसकी दीर्घाएँ, दीवारों पर लिखी कहानियाँ और वहाँ लिखे गए पहले संकल्प।

0:55
YEF सदस्यों के लिए

हर सदस्य को क्यों जाना चाहिए

राष्ट्र प्रथम की जड़ें समझें

YEF की राष्ट्र प्रथम सोच भारत के अपने मूल्यों से आती है। अनुभवशाला दिखाती है कि ये मूल्य कहाँ से आते हैं।

संगठन की शक्ति देखें

“संगठन में शक्ति है” — देखिए कि सौ वर्षों के संगठित और अनुशासित प्रयास ने समाज को कैसे आकार दिया।

विचार को संकल्प में बदलें

पाँच व्यक्तिगत संकल्प लेकर लौटें — और उन्हें अपने बिज़नेस, परिवार और शहर में जिएँ।

संकल्प वही सार्थक है, जो आचरण में उतरे।

यात्रा की योजना बनाएँ

YEF चैप्टर, सदस्यों और उनके परिवारों के लिए यात्रा की व्यवस्था की जा सकती है। हमें लिखिए, हम योजना बनाने में मदद करेंगे।

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